रुड़की:NHAI की सुस्ती बन रही हादसों की वजह शासन-प्रशासन बना मूकदर्शक,हाइवे क्रॉसिंग की मांग को लेकर 15 दिनों से धरनारत सालियर के ग्रामीण।

सालियर गाँव के ग्रामीण हाईवे क्रासिंग को लेकर पिछले 15 दिनों से धरनारत है।गौरतलब है कि आजकल देहरादून रोड पर हाईवे चौड़ीकरण का कार्य चल रहा है।जिस कारण सालियर से गुजरने वाले लोगो को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।साथ ही रोज कई लोग हादसों का शिकार हो जाते है।अब NHAI के द्वारा हाईवे के दोनों और बसे सालियर ग्राम को मिलाने वाली सड़क की क्रासिंग को भी बन्द किया जा रहा है।सालियर ग्राम के ग्रामीण पिछले 15 दिवसों से इस क्रासिंग को खुलवाने को लेकर धरनारत है।धरना देने वाले ग्रामीणों से बात करने पर उन्होंने बताया कि यह रास्ता लगभग 200 वर्षो से ऐसे ही है तथा हाइवे के एक तरफ श्मशान घाट, कब्रिस्तान एवं सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र है तथा दूसरी और माध्यमिक विधायल एवं प्राथमिक विधालय है।ग्रामीणों का कहना है कि किसी भी आपातकालीन स्थिति में उन्हें पुहाना को पूरा चक्कर लगाकर अंडरपास से निकलना पड़ेगा।पुहाना का अंडरपास सालियर से लगभग 2 किमी की दूरी पर है।जिससे ग्रामीणों को काफी दिक्कत का सामना करना पड़ेगा।
दूसरी तरफ यह भी प्रश्न उठता है कि लोकसभा चुनावों से पहले फुर्ती के साथ कार्य करने वाला NHAI चुनाव के निपटते ही सड़क निर्माण में सुस्त क्यों हो गया।यही मार्ग रुड़की को उत्तर प्रदेश एवं राजधानी देहरादून से जोड़ता है।क्या NHAI किसी बड़े हादसे की इन्तजार में है या सच में अधिकारियों को समय से कार्य पूरा करने की इच्छा है।यदि किसी दिन कोई बड़ा हॉदसा हुआ तो उसका जिम्मेदार कौन होगा?क्या विकास कार्य जनता की जान पर खेलकर किया जाना उचित है?

खैर सालियर के धरनारत ग्रामीणों ने इस गलत सिस्टम के खिलाफ जो आवाज उठाने का कार्य किया है वो काबिलेतारीफ है।देखना यह है कि क्या अब कोई सत्ताधारी विधायक, नेता अथवा कोई अधिकारी इन ग्रामीणों की बात को तवज्जो देंगे अथवा नही।धरना देने वालों में बछेन्द्र, नाथीराम ,गुल्लू,सेठराज, वाहिद, तेललू,भगत, जाहिद, अतुल, सतीश, रामप्रसाद, भूरा, मीर आलम, अतीक, मो0 आलम, कमर आलम एवं छात्र व् छात्राएं आदि प्रमुख है।

anupamsaini

Read Previous

रुड़की:दिनदहाड़े पिंकी की हत्या के विरोध के उत्तराखंड युवा संगठन ने निकाला कैंडल मार्च।

Read Next

रुड़की:चुनावी मौसम के बीच दिवाली का उत्साह चरम पर,चुनाव फिर से रुड़की के दो धुरों के बीच फँसता हुआ।महत्वपूर्ण दावेदारों ने अब तक नामांकन पत्र भी क्यों नहीं खरीदे?