ऊत्तराखण्ड:विपक्ष में बैठी कांग्रेस केवल औपचारिकता तक सीमित।गुटबाजी की हवा में कांग्रेस की निकल गयी हवा।

उत्तराखंड कांग्रेस में पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत पर सीबीआई के मुकदमे की तलवार लटकी है परंतु विपक्ष में बैठी उत्तराखंड कांग्रेस अपने नेता के साथ समर्थन दिखाते हुए सड़कों पर उतरने के बजाय केवल औपचारिक बयान तक सीमित रह गई है।प्रदेश अध्यक्ष प्रीतम सिंह ने बयान देकर हरीश रावत के साथ संघर्ष की घोषणा की, परंतु वह केवल घोषणा तक सीमित रह गई।

गौरतलब है कि पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार में बागी विधायकों को खरीदने के आरोप पर सीबीआई द्वारा जांच प्रारंभ की गई थी।हालांकि आरंभिक जांच के बाद सीबीआई ने इस मामले को ठंडे बस्ते में डाल दिया था, परंतु वर्तमान में सीबीआई द्वारा जिस प्रकार से कांग्रेस नेताओ की धड़ाधड़ गिरफ्तारी की जा रही है उससे यह तलवार पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत पर भी लटक गई है। यह कांग्रेस पार्टी की सुषुप्त अवस्था का प्रमाण है कि प्रदेश अध्यक्ष के मात्र बयान के बाद विपक्ष की नेता डॉक्टर इंदिरा हृदेश और प्रदेश प्रभारी अनुग्रह नारायण सिंह ने बयान तक भी नहीं दिया।और तो छोड़िए ऊत्तराखण्ड राज्य में कई मुद्दों के विरोध में कांग्रेसी कभी सड़क पर दिखाई नहीं दिए।उत्तराखंड की जनता विपक्ष की तलाश में दूरबीन लगाए बैठी है और विपक्ष कहीं दूर-दूर तक दिखाई नहीं दे रहा है। सत्ताधारी दलो के नेताओं के विरुद्ध अनेक शिकायतें विभिन्न एजेंसियों के समक्ष लंबित हैं किन्तु ना तो वह एजेंसियां और ना ही विपक्ष का कोई कार्यक्रम उस और ध्यान दे पा रहा है।यहां तक कि उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस के सभी कार्यक्रम लगातार गुटबाजी की भेंट चढ़ते जा रहे हैं ऐसी परिस्थितियों में भी वरिष्ठ कांग्रेस नेता अपनी उम्र को दरकिनार कर उत्तराखंड के कोने कोने से लेकर दिल्ली की राजनीति मैं अपनी भागीदारी कर रहे हैं। वहीं राज्य के कांग्रेसी चादर तान कर सो रहे हैं। कांग्रेस के सक्रिय नेता ने अपना नाम न छापने की शर्त पर बताया कि कांग्रेसी विचारधारा पर काम करने वाले नेताओं को मौका नहीं मिल रहा है। जिस कारण विपक्ष के विरोध की धार तेज नहीं हो रही है।
अब यह प्रतीक्षारत रहेगा कि एनडी तिवारी के बाद हमेशा ऊत्तराखण्ड राज्य में कांग्रेस पार्टी के तारणहार साबित हुए हरीश रावत के साथ उनकी पार्टी के नेता खड़े होंगे अथवा अपने अपने गुट में रहकर इसी प्रकार चादर तानकर सोये रहेंगे।

anupamsaini

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